बिलासपुर के आवासीय प्रोजेक्ट पर TNC की बड़ी कार्रवाई; अनंत रियलिटी का लेआउट निरस्त, बिल्डर नमन गोयल से जुड़ा है प्रोजेक्ट…TNC आयुक्त की बड़ी कार्रवाई

बिलासपुर। शहर में बड़े आवासीय प्रोजेक्ट को लेकर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNC) विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। TNC आयुक्त के आदेश के बाद अनंत रियलिटी के आवासीय प्रोजेक्ट का लेआउट निरस्त कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट बिल्डर नमन गोयल से जुड़ा बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, संबंधित आवासीय परियोजना के लेआउट को लेकर TNC स्तर पर कार्रवाई की गई है। विभागीय प्रक्रिया के बाद आयुक्त के आदेश से लेआउट निरस्त किए जाने की कार्रवाई सामने आई है।
अज्ञेय नगर स्थित बहुमंजिला आवासीय प्रोजेक्ट में सामने आई कथित अनियमितताओं को लेकर नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय ने कड़ा कदम उठाया है। संचालनालय ने मेसर्स अनंत रियल्टी को जारी विकास अनुज्ञा क्रमांक 1456 निरस्त कर दी है। यह अनुज्ञा संस्था के भागीदार नमन गोयल के माध्यम से जारी की गई थी। कार्रवाई छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 25 के तहत की गई है।
25 जून 2025 को जारी विकास अनुज्ञा के संबंध में संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, बिलासपुर की ओर से निरस्तीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद संस्था को अपना पक्ष रखने और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। 31 जुलाई 2026 को सुनवाई के दौरान संस्था ने 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा। इसके बाद नमन गोयल 7 अगस्त को उपस्थित हुए और अपना जवाब तथा दस्तावेज प्रस्तुत किए। मामले की जांच समिति ने पड़ताल के बाद 24 अगस्त को प्रस्तुत जवाब का परीक्षण किया।
पहुंच मार्ग को लेकर सामने आई अनियमितता
अंतिम आदेश में दर्ज प्रमुख विसंगतियों में से एक प्रोजेक्ट के पहुंच मार्ग से संबंधित है। जांच समिति के अनुसार जिस भूखंड का इस्तेमाल पहुंच मार्ग के रूप में किया जा रहा था, वह पूर्व में स्वीकृत अभिन्यास का हिस्सा था और सामान्य सार्वजनिक मार्ग नहीं था।
समिति ने माना कि इस भूमि को नए विकास में शामिल करने से पहले पुराने स्वीकृत अभिन्यास में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत संशोधन किया जाना जरूरी था। आरोप है कि संस्था ने इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
शहर के बड़े आवासीय प्रोजेक्ट पर कार्रवाई
बिलासपुर में बीते कुछ समय से बड़े पैमाने पर आवासीय प्रोजेक्ट विकसित हो रहे हैं। ऐसे में किसी बड़े प्रोजेक्ट का लेआउट निरस्त होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। TNC की कार्रवाई के बाद अब प्रोजेक्ट की आगे की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
अनंत रियलिटी और नमन गोयल का नाम
जिस प्रोजेक्ट का लेआउट निरस्त किया गया है, वह अनंत रियलिटी से जुड़ा है और इसके बिल्डर नमन गोयल बताए जा रहे हैं। हालांकि, लेआउट निरस्तीकरण के आदेश में कार्रवाई के विस्तृत आधार और इससे जुड़े सभी तथ्यों की जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
आदेश के बाद आगे क्या?
TNC आयुक्त के आदेश के बाद अब यह देखना अहम होगा कि प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य अनुमोदनों और निर्माण गतिविधियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है। साथ ही प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों और विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर भी नजर रहेगी।
60 की जगह 90 प्रकोष्ठ दर्शाने का मामला
दूसरी प्रमुख आपत्ति स्वीकृत मानचित्र में प्रकोष्ठों की संख्या को लेकर सामने आई। विकास अनुज्ञा में 15 ब्लॉक प्रस्तावित थे। प्रत्येक ब्लॉक में चार तल और हर तल पर एक प्रकोष्ठ के हिसाब से कुल 60 प्रकोष्ठ होने थे।
इसके विपरीत स्वीकृत मानचित्र के कुछ हिस्सों में छह तल दर्शाए गए। इससे कुल प्रकोष्ठों की संख्या 90 तक पहुंच जाती है। आदेश के मुताबिक इसका सीधा असर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए निर्धारित प्रकोष्ठों की गणना पर भी पड़ता है।
अनंत रियल्टी की ओर से इसे सलाहकार द्वारा हुई लिपिकीय नंबरिंग त्रुटि बताया गया। हालांकि जांच समिति ने इस स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया। समिति ने कहा कि स्वीकृति से पहले अभिन्यास पर आवेदक के हस्ताक्षर होते हैं, इसलिए उसमें दर्ज विवरण की जिम्मेदारी से संस्था अलग नहीं हो सकती।
जवाब असंतोषजनक, शर्तों का उल्लंघन माना
जांच के बाद संचालनालय ने संस्था के जवाबों को असंतोषजनक माना और विकास अनुज्ञा की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर उसे निरस्त करने का आदेश जारी किया।
जांच प्रक्रिया से परिचित उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पड़ताल के दौरान प्रोजेक्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए आर्किटेक्ट की वैधता, EWS/LIG दायित्वों से जुड़े शपथ-पत्र तथा पहुंच मार्ग की चौड़ाई, पार्किंग और ओपन स्पेस से संबंधित विवरणों को लेकर भी सवाल सामने आए। सूत्रों ने स्वीकृतियां हासिल करने के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को कथित तौर पर छिपाने या गलत ढंग से प्रस्तुत किए जाने का दावा भी किया है।
हालांकि, ये सभी आरोप तीन पृष्ठ के अंतिम निरस्तीकरण आदेश में स्वतंत्र निष्कर्ष के रूप में दर्ज नहीं हैं। इसलिए इन बिंदुओं का उल्लेख आधिकारिक सूत्रों के दावों के तौर पर किया जा रहा है।
कई विभागों को भेजी गई आदेश की प्रतियां
विकास अनुज्ञा निरस्तीकरण के अंतिम आदेश की प्रतियां आवास एवं पर्यावरण विभाग, बिलासपुर कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG RERA), अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश और उप पंजीयक समेत संबंधित अधिकारियों को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।
